Our social:

Latest Post

Showing posts with label फ़िल्म संगीत ट्यूटोरियल. Show all posts
Showing posts with label फ़िल्म संगीत ट्यूटोरियल. Show all posts

Tuesday, April 25, 2017

भारत में फ़िल्म सेंसर प्रमाण पत्र कितने प्रकार के हैं?

भारत एक ऐसा देश जहाँ पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा फिल्में बनती हैं।साथ ही सबसे ज़्यादा नियंत्रण भी यहीं हैं।सरकार फिल्मों के निर्माण वितरण और प्रदर्शन पर अपना नियंत्रण रखती हैं।केंद्रीय फ़िल्म सेंसर बोर्ड जो कि अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ फ़िल्म सर्टिफिकेशन के नाम से जाना जाता हैं।पहले फिल्मों को दो केटेगरी में सेंसर से पास किया जाता था।लेकिन,अब मुख्य रूप से चार केटेगरी में सेंसर से फिल्मों को पास किया जाता हैं।
फिल्मों को यू यानी कि यूनिवर्सल आसान भाषा में कहे तो सार्वजनिक,ए मतलब  व्यस्क, यूए का अर्थ हैं सार्वजनिक लेकिन 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं,एस कुछ विशेष वर्गीकरण में से एक स्वीकृति दी जाती हैं।
इस तरह से देखें तो मुख्य रूप इन्ही कैटेगरी में वर्गीकरण किया जाता हैं।खास तौर पर अभी की ज़्यादातर फिल्मों को यूए प्रमाण पत्र ज़्यादा दिया जा रहा हैं।परंतु,फिल्मों के आधार पर ही प्रमाणित किया जाता हैं।

Saturday, April 8, 2017

कोई भी गायक अनुभवी या फ्रेशर तभी अच्छा गा सकता हैं,जब उसमें ये खूबी हर तरह से हो।

दोस्तों,आपका अभिनंदन स्वागत मेरे ब्लॉग में।आज का टॉपिक हैं,गायकों के लिए।वैसे युवा जो गायन के क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं?आज हम चर्चा करेंगे कि गायक कैसे बेहतर गा सकता हैं?
कुछ टिप्स और ट्रिक्स के जरिये आप भी बढ़िया गा सकते हैं।क्योंकि,कोई भी जन्म से कुछ नहीं होता हैं।वक़्त के साथ मेहनत और प्रयास से ही सभी अपना भविष्य बनाते हैं।
ज़्यादा इधर उधर की बात न करते हुए।आईये,कुछ जरूरी चर्चा करते हैं।
1.कोई भी गायक फ्रेशर हो अथवा अनुभवी हर कोई तभी बेहतर गा सकता हैं।जब वह अपने आप को पूरी तरह सिचुएशन में ढाल लेता हैं।क्योंकि,अगर आप सिचुएशन में नही ढल पा रहें हैं।तो,फिर गाना थोड़ा मुश्किल हैं।बगैर सिचुएशन में ढ़ले गाना कभी भी अच्छा गाया ही नहीं जा सकता हैं।
2.गीत को बढ़िया से सुरों में ढालने से पहले जरूरी हैं कि गायक एक एक शब्द को समझ समझ कर याद कर लें।क्योंकि,अगर आपकी याददाश्त कमजोर हुई।तो,फिर थोड़ा मुश्किल होगा।गाना याद रहने से गाने में कोई दिक्कत नहीं होगी और आप बेहतर तरीके से गीत को पेश कर सकेंगे।
3.जब कभी आपको कोई गीत गाने का मौका मिले या आप खुद अपने आप से गीत रिकॉर्ड कर रहे हैं।तो गाने को बार बार रियाज़ करें।भूल से भी यह गलती न करें कि गीत को रियाज़ न करें।ज़्यादा रियाज़ करने से गीत पर आपकी पकड़ बढ़ेगी और आप उस गीत को उम्मीद से भी ज़्यादा बेहतर तरीके से गा सकते हो।
4.गायक के हर चीज के साथ साथ जुबान साफ और तल्लफुस एक  सठीक हो।शब्द उच्चारण से लेकर बोलने के तरीके में कोई भी गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।
मुझे उम्मीद हैं,दोस्तो आओ इन चीजों का अनुसरण करके बेहतर गा सकते हो।अगर फिर भी कोई दिक्कत हो।तो,आप हमसे या किसी बेहतर संगीत गुरु से संपर्क कर सकते हैं।