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Friday, June 9, 2017

आमिर की फ़िल्म दंगल चीन में सर्वाधिक कमाई करने वाली पहली गैर हॉलीवुड मूवी हैं।


बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्टनिस्ट आमिर खान की फिल्म 'दंगल' भारत मे खूब कमाई के बाद अब चीन में जलवा बिखेर रही हैं।चीन के लोगों को दंगल बहुत ज़्यादा ही पसंद आ रही है। इसका अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वहां के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शुक्रवार को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें बताया कि उन्होंने आमिर खान की फिल्म 'दंगल' देखी और उन्हें फिल्म बहुत ही ज़्यादा पसंद आई. चीन में पांच मई को दंगल सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी, जिसने चीनी फिल्म उद्योग के सारे रेकार्ड तोड़ चुके हैं।फ़िल्म ने चीन में अब तक 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है. चीन में 7000 से अधिक सिनेमाघरों में यह फिल्म अब भी चल रही है. चीन में यह 33वीं ऐसी फिल्म बन गयी है जिसने एक अरब युआन की कमाई को पार किया है.
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं की बातचीत के बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने बताया, 'शी ने कहा कि दंगल चीन में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और उन्होंने भी यह फिल्म देखी है.
'दंगल चीन में सर्वाधिक कमाई वाली पहली गैर-हॉलीवुड फिल्म बन गयी है. आमिर खान ने हाल ही में कहा था कि उन्हें चीन में फिल्म पसंद किये जाने की उम्मीद थी। लेकिन इतनी शानदार सफलता के बारे में उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था.

Saturday, June 3, 2017

कंगना हाई फाई गुजराती गर्ल बन लूटेगी बैंक।

मुम्बई।कंगना रनौत अपनी आने वाली बॉलीवुड फिल्म सिमरन में गुजराती लड़की के किरदार में जलवे बिखेरेगी।निर्देशक हंसल मेहता के निर्देशन में कंगना प्रफुल पटेल की भूमिका में होगी।जो एक हाई फाई लाइफस्टाइल जीने की शौकीन हैं।पर,उसके पास पैसे नहीं हैं।साथ ही जुए की लत भी हैं।इतने खर्चों को पूरी करने के लिए पहले क्रेडिट कार्ड का सहारा लेती हैं।फिर,बैंक को लूटने की कोशिश करती हैं।यह पूरी कहानी वास्तविक घटना पर आधारित हैं।इस फ़िल्म के निर्माता टी-सीरीज हैं।फ़िल्म में कंगना के साथ सोहम शाह,रूपीदर नागर, ईशा तिवारी ने भी काम किया हैं।फ़िल्म 15 सितंबर को रिलीज होगी।

मो. रफी ने बिना तैयारी के ही अपने पहले स्टेज शो को हिट करा दिया था।

मुम्बई।बॉलीवुड संगीत में अपनी आवाज़ से गीतों को अमर कर देने वाले गायक मो. रफी को उनका पहला स्टेज शो किस्मत से मिला था।छोटी सी उम्र में ही इन्हें संगीत से लगाव था।जब इनकी उम्र 13 वर्ष  थी।तभी से स्टेज में प्रस्तुति दिया करते थे।लेकिन, यह मौका इन्हें ऐसे ही मिल गया था।जबकि,रफी बिल्कुल भी तैयार नहीं था।बात उन दिनों की हैं।जब लाहौर में ऑल इंडिया रेडियो एक कार्यक्रम था।मुम्बई से खास तौर पर कुंदन लाल सहगल को बुलाया गया था।पर कुछ खराबी की वजह से बिजली अचानक चली गयी।जिसके कारण सुपरस्टार सहगल ने परफॉर्म करने से मना कर दिया।लोगों की भीड़ बहुत थी और इस स्तिथि में अगर कार्यक्रम न हो।तो पब्लिक कुछ भी कर सकती थी।शो के आयोजनकर्ता रफी की आवाज़ से पहले ही परिचित थे।तो उन्होंने रफी के बड़े भाई से रफी को स्टेज में परफॉर्म करने को कहा गया।ताकि पब्लिक का ध्यान भटक जाए और उनका गुस्सा भी शांत हो जाये।फिर क्या?रफी ने बिना तैयारी के ही समा कुछ ऐसा बाँधा कि लोग वाहवाई करते थके नहीं थे।इस तरह रफी को एक मौका और पब्लिक को एक मधुर आवाज मिल गयी।

Friday, June 2, 2017

सलमान खान के साथ असीम मिश्रा की चौथी फ़िल्म।

धनबाद ।बॉलीवुड सिनेमेटोग्राफर (कैमरामैन) असीम मिश्रा के कैमरे से सलमान खान की फिल्म ट्यूबलाइट कैद हुई है। असीम ही इस फिल्म के कैमरामैन हैं। उन्होंने लगातार चौथी फिल्म में सलमान खान के साथ काम किया है।
बजरंगी भाईजान के बाद बॉलीवुड निर्देशक कबीर खान की अगली फिल्म ट्यूबलाइट है। यह फिल्म ईद के मौके पर 23 जून को रिलीज हो रही है। मुंबई से फोन पर बातचीत में असीम ने बताया कि अभी फिल्म का प्रमोशन चल रहा है। लगातार चार फिल्में सलमान के साथ करने पर उन्होंने कहा कि बहुत ही अच्छा अनुभव रहा। हमने एक था टाइगर, बजरंगी भाईजान और दबंग-2 में साथ काम किया। हमारे बीच एक अच्छी केमिस्ट्री बन गई है। वहीं निर्देशक कबीर खान के साथ असीम मिश्रा की यह पांचवीं फिल्म है।
धनबाद में प्रमोशन करने आएंगे असीम : असीम ने बताया कि फिल्म के प्रमोशन के लिए वह 22 जून को धनबाद आएंगे। यहां वह अपने बचपन के दोस्तों के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग रख रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय 1988 बैच के छात्र और शिक्षकों के लिए यह स्क्रीनिंग रखी गई है। असीम ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय धनबाद से ही पूरी की थी।
असीम मिश्रा का बॉलीवुड सफर : कांट्रेक्ट (2008), न्यूयॉर्क (2009), वंस अपोन ए टाइम इन मुंबई (2010), बैंड बाजा बारात (2010), साहेब बीबी और गैंगस्टर (2011), लेडीज वर्सेस रिक्की बहल (2011), पान सिंह तोमर (2012), एक था टाइगर (2012), दबंग-2 (2012), गुंडे (2014), बजरंगी भाईजान (2015), फैंटम (2015)

कॉल सेन्टर में काम कर बॉलीवुड में बनाई अपनी पहचान।

जीशान कादरी का जन्म 18 मार्च 1983 को वासेपुर धनबाद में हुआ।पिता सयेद इमरान कादरी एक इंजीनियर हैं।बॉलीवुड में आज इनके नाम के चर्चे एक्टर डायरेक्टर प्रोड्यूसर और राइटर के रूप में होती ही रहती हैं।स्कूल तक की पढ़ाई लिखाई वासेपुर से ही करने के बाद मेरठ दीनदयाल उपाध्याय  मैनेजमेंट कॉलेज से बीबीए किया।फिर दिल्ली चले गए।यहाँ कई सालों तक कॉल सेन्टर में काम करते रहें।लेकिन,लेखनी के जुनून ने जीशान के कदम मुम्बई की ओर चल दिये।मुम्बई में कई डायरेक्टर प्रोड्सर से मुलावत भी किये।।पर,बात नह नहीं बनी।एक दिन अचानक जीशान की मुलाक़ात अनुराग कश्यप से होती हैं।जीशान की कहानी अनुराग को बहुत पसंद आती हैं।फिर एक दौर शुरू होता हैं।जीशान का फिल्मी सफर चल पड़ता हैं।


2012 में गैंग्स ऑफ वासेपुर फ़िल्म बनी।फिल्म के कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।इसके बाद मेरठिया गैंगस्टर,रिवाल्वर रानी जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस भी किया।साथ ही कई फिल्मों में अभिनय भी किया।



Monday, May 29, 2017

किशोर कुमार बायोपिक फ़िल्म में रणबीर कपूर नहीं दिखेंगे।


मुम्बई।किशोर कुमार की बायोपिक पर आधारित फिल्म किशोर दा को लेकर रणबीर कपूर काफी चर्चे में थे।लेकिन,अब खबरें आ रही हैं कि निर्देशक अनुराग बासु रणबीर को कास्ट नहीं करेंगे।इसकी कोई खास वजह नहीं हैं।बल्कि,रणबीर अभी संजय दत्त की बायोपिक पर आधारित फिल्म को लेकर काफी व्यस्त हैं।फ़िल्म लगभग पूरी भी होने वाली हैं।लेकिन,इसके बाद रणबीर अयान  मुखर्जी की फ़िल्म की शूटिंग करेंगे।इस तरह से देखा जाए तो रणबीर के पास समय ही नहीं हैं।ऐसे में अनुराग कब तक इंतेज़ार करते रहते।इस वजह से अनुराग अपने हीरो की तलाश में जुट गए हैं।हालाँकि, रणबीर के अनुराग की फ़िल्म जग्गा जासूस अगले महीने रिलीज़ होने को हैं।


Monday, May 22, 2017

किसी ने कुली वॉचमैन वेटर कंडक्टर तो कोई सड़कों पर बेचता था सामान,पर आज हैं बॉलीवुड फिल्मों की जान.

बॉलीवुड के सुपरस्टार सुर्ख़ियों में हमेशा से ही बने रहते हैं.अपनी निजी ज़िन्दगी और फिल्मों को लेकर खास चर्चाएं होती ही रहती हैं.पर,बहुत से स्टार्स ऐसे भी हैं.जिनकी पिछली ज़िन्दगी काफी संघर्ष भरा रहा.जब ये फिल्मों में काम नही करते थें.तो कई कलाकार ऐसे भी हैं.जो कभी वेटर,वॉचमैन,कुली,कंडक्टर,तो कभी कोई नौकरी किया करते थें.आज कुछ ऐसे ही फ़िल्मी सितारों की बात होगी.जो कभी एक आम लोगों की तरह काम करते थें.
देखें यह पूरी विडियो.............


Friday, May 19, 2017

टाइगर श्रॉफ का एक्शन सुपरहिट हॉलीवुड फिल्म रैंबो के हिन्दी रीमेक में दिखेगा अब।


बॉलीवुड में अपनी पहली ही फिल्म से एक्शन को एक नए स्तर पर ले जाने वाले टाइगर श्रॉफ को सुपरहिट हॉलीवुड फिल्म रैंबो के हिन्दी रीमेक के लिए फाइनल कर लिया गया है। टाइगर श्रॉफ इस फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड हैं लेकिन उनका कहना है कि वो कभी भी सिल्वस्टर स्टेलॉन की जगह नहीं ले पायेंगे। बताया जा रहा है कि यह रीमेक फिल्म डायरेक्टर सिद्धार्थ आनन्द बनायेंगे, जिसको एम. कैपिटल वेंचर, ओरिजनल एंटरटेनमेंट, इपेक्ट फिल्म्स औऱ सिद्धार्थ आनन्द पिक्चर्स के द्वारा प्रोड्यूस किया जायेगा।
खबरों की मानें तो यह रीमेक एक बड़े स्तर पर बनाया जायेगा। पहले इस रोल के लिए सिद्धार्थ मल्होत्रा और ऋतिक रोशन को लिए जाने के बारे में सोचा जा रहा था लेकिन उनके साथ कोई भी बात फाइनल नही हो पायी। टाइगर ने कहा है, ‘मैं हमेशा से मार्शल आर्ट्स में एक्टिव रहा हूं और बचपन से मुझे एक्शन फिल्मों का शौक रहा है ऐसे में यह फिल्म मेरे लिए काफी खास है। वैसे मैं सोचता हूं कि मैं कभी भी सिल्वस्टर सर की जगह नहीं ले पाऊंगा लेकिन मुझे लगता है कि मैं बचपन से अपने आपको इसी के लिए तैयार कर रहा था। ’।आपको बता दें कि इस फिल्म पर काम होना अगले साल फरवरी से शुरु हो जायेगा और इसको 2018 में ही रिलीज करने के बारे में सोचा जा रहा है। क्योंकि रैंबो को हिन्दी में बनाया जायेगा तो इसमें कुछ देसीपन भी भी रखा जायेगा। फिल्म के डायरेक्टर सिद्धार्थ का इस फिल्म के बारे में कहना है, ‘रैंबो एक आइकॉनिक फिल्म है। हमारे समय में यह बहुत बड़ी एक्शन फिल्म थी। मैं बचपन से ऐसे हीरोज को देखकर बढ़ा हुआ हूं। टाइगर श्रॉफ इस रोल को काफी अच्चा निभा सकते हैं। ’।

हाफ गर्लफ्रैंड ज्यादा बेहतर भी नहीं तो औसत से थोड़ा कम ही हैं फ़िल्म।


फिल्म का नाम: हाफ गर्लफ्रेंड
डायरेक्टर: मोहित सूरी 
स्टार कास्ट: अर्जुन कपूर, श्रद्धा कपूर, विक्रांत मस्सी, रिया चक्रवर्ती, सीमा बिस्वास 
अवधि: 2 घंटा 15 मिनट 
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 2.5 स्टार
बॉलीवुड में इससे पहले भी राइटर चेतन भगत की नॉवेल पर 'हैलो', 'काय पो चे', '3 इडियट्स', और '2 स्टेट्स' जैसी फिल्में बनाई गई हैं, जिसमें से कई फिल्में  सक्सेसफुल भी रही हैं. एक बार फिर से चेतन भगत की नॉवेल 'हाफ गर्लफ्रेंड' पर आधारित इसी नाम की फिल्म बनायी गई है, जिसमें बिहार के लड़के और दिल्ली की लड़की की दास्तान को बयां किया गया है. फिल्म को 'आशिकी 2' और 'एक विलेन' जैसी हिट फिल्म देने वाले मोहित सूरी ने डायरेक्ट किया है. जानते हैं कैसी बनी है यह फिल्म और कैसी है फिल्म की कहानी:

क्या हैं फ़िल्म की कहानी
फ़िल्म की कहानी बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव गांव के रहने वाले माधव झा (अर्जुन कपूर) की है जो गांव से दिल्ली शहर में पढ़ाई करने के लिए जाता है और वहां उसकी मुलाकात अमीर घराने की लड़की रिया सोमानी (श्रद्धा कपूर) से होती है. माधव और रिया दोनों को ही बास्केटबॉल बहुत पसंद है. बास्केटबॉल कोर्ट पर ही दोनों की मुलाकातें होने लगती हैं. माधव को अंग्रेजी नहीं आती जिसकी वजह से उसका बार-बार मजाक उड़ाया जाता है. माधव का दोस्त शैलेश (विक्रांत मस्सी) हमेशा उसका साथ देता है.एक दिन कुछ ऐसा होता है, जिसकी वजह से माधव और उसकी हाफ गर्लफ्रेंड रिया में अलगाव हो जाता है. इस वजह से माधव अपने गांव वापस आ जाता है और रिया कहीं दूर निकल जाती है. फिर कहानी में ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं और एक बार फिर से माधव और रिया की मुलाकात अलग परिस्थिति में होती है. कहानी फिर लंदन तक भी पहुंचती है और इसे अंजाम मिलता है.

कमजोर कड़ियों को भी जानिए 
फिल्म की कहानी काफी कमजोर सी है. स्क्रीनप्ले बहुत ही ठंडा है जिस पर काम किया जा सकता था. जो बात चेतन भगत की 2 स्टेट्स और 3 इडियट्स जैसी फिल्मों में थी, वो यहां बिल्कुल देखने को नहीं मिलती है. 
फिल्म के संवाद भी काफी कमजोर है और रोमांस, ड्रामा में भी कुछ खास बात नहीं है. किसी भी रोमांटिक फिल्म को देखते वक्त इंसान उसमें खो जाना चाहता है, लेकिन इस फिल्म के दौरान कुछ ऐसा फील नहीं हो पाता है, जो कि स्क्रीनप्ले की कमी है. 
कहानी बांध पाने में असफल है और कौन सा किरदार आखिरकार क्या करना चाह रहा है यह बता पाने में मेकर असमर्थ रहे हैं.
फिल्म का गाना 'फिर भी तुमको चाहूंगा' लोगों को याद रह सका है. मोहित सूरी की फिल्मों का सबसे बड़ा इक्का उनका संगीत होता है, जिसे और भी बेहतर किया जा सकता था. 

क्यों देखने आयें फिल्म को लोग
फिल्म में अर्जुन कपूर ने बिहारी लड़के का किरदार बखूबी निभाया है. वो किरदार में रमे हुए नजर आते हैं. वहीँ श्रद्धा कपूर ने भी ठीक ठाक काम किया है. विक्रांत मस्सी का काम सहज है और फिल्म के बाकी कलाकारों ने भी अच्छा काम किया है. साथ ही फिल्म की लोकेशंस बढ़िया है. दर्शकों को दिल्ली के साथ-साथ न्यूयॉर्क भी फिल्म में देखने को मिलेगा. विजुअल के हिसाब से फिल्म अच्छी है और साथ ही बैकग्राउंड स्कोर भी कमाल का है.


बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा असर
फिल्म की लागत लगभग 35 करोड़ बताई जा रही है और खबरों के मुताबिक इसके डिजिटल, सैटेलाइट और ओवरसीज राइट्स पहले ही बेचे जा चुके हैं. अब देखना काफी अहम होगा कि यह फिल्म कितने स्क्रीन्स में रिलीज की जाएगी क्योंकि पहले से ही 'बाहुबली 2' काफी स्क्रीन्स लिए हुए है और उसके डिस्ट्रीब्यूटर एए फिल्म्स के विकी थडानी इस हफ्ते रिलीज हो रही फिल्म 'हिंदी मीडियम' को डिस्ट्रीब्यूट कर रहे हैं. इस कारण हाफ गर्लफ्रेंड को स्क्रीन्स की दिक्कत हो सकती है.

Tuesday, May 16, 2017

मॉलीवुड की ऐश्वर्या राय करेगी बॉलीवुड फिल्मों की शुरुआत, फ़िल्म जल्द ही होगी रिलीज़।


मुंबई  । मलयाम  फिल्म इंडस्ट्री काे माॅलीवुड के नाम से जाता है। वैसे तो अब यह इंडस्ट्री लगभग बंदी के कगार पर है ।लेकिन किसी समय यहां की कुछ एक्ट्रेसेज के चर्चे बाॅलीवुड तक होते थे। इन्हीें में से एक है सुमन नेगी। सुमन को माॅलीवुड की एेश्वर्या राय कहा जाता है। कभी माॅलीवुड में सबसे ज्यादा पेड एक्ट्रेस सुमन चार-पांच साल पहले बाॅलीवुड में काम करने मुंबर्इ चली गर्इ थी।


अब सुमन नेगी  हिंदी रोमांटिक फिल्म में नजर आने वाली है।  नाटक का नाम 'बेइमान आशिक' है। इस फिल्म में मुख्य किरदार में नजर आएंगी।  संदीप कुमार द्वारा निर्देशित है।फिल्म के लिए पूरी शूटिंग पूरी हो चुकी है और पोस्ट-प्रोडक्शन का काम चल रहा है।  बेइमान आशिक जून 2017 में रिलीज होने जा रही है।

Tuesday, May 9, 2017

बॉलीवुड के पर्दे के पीछे छुपी कुछ राज की बातें,बहुत कुछ होता हैं पर्दे के पीछे।


मुम्बई। इंडियन सिनेमा का बॉलीवुड इंडस्ट्री एक ऐसी इंडस्ट्री हैं, जहां अलग- अलग देशों के कलाकार आकर अपना नाम और पहचान कमाते हैं। बॉलीवुड को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री कहा जाता है।
लेकिन चकाचौंध से भरी इस इंडस्ट्री में पर्दे के पीछे कई ऐसी सच्चाई छुपी हैं, जिनका सामना किसी न किसी एक्टर/एक्ट्रैसेस को कभी न कभी करना ही पड़ता है। आज हम अापको कुछ एेसी ही सच्चाई से रू-ब-रू करवाने जा रहे है। अगर एक सर्वे के आंकड़ों पर गौर करें तो 35% फीमेल कैरेक्टर्स ऐसे होते हैं, जिन्हें कुछ न्यूडिटी के साथ दिखाया जाता है। जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के बाद इंडियन फ़िल्में तीसरे नंबर पर आती हैं, जहां एक्ट्रैसेस की सैक्सी इमेज को दिखाया जाता है।


 
कॉम्प्रोमाइज करने का बनाया जाता है दबाव
बिना आइटम नंबर के आजकल फ़िल्में बहुत ही कम देखने को मिलती है। एेसे ही कुछ स्टार्स कास्टिंग काउच के शिकार होते है। कुछ कास्टिंग डायरैक्टर्स न्यूकमर्स को बड़ा रोल दिलाने का लालच देकर कॉम्प्रोमाइज करने का दबाव बनाते हैं।

फ्लॉप होना किसी पाप से कम नहीं
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर फेयर कलर को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसा ही कुछ मनोज बाजपेयी के साथ फिल्म 'जुबैदा' के दौरान हुआ था। क्रिटिक्स ने साफ़तौर पर कहा था कि वे कहीं से भी प्रिंस नहीं लग रहे थे। पिछले दिनों कंगना रणावत ने इस बात का दावा किया था कि बॉलीवुड में भाई-भातीजावाद ज्यादा देखने को मिलता है। इसे लेकर करन जौहर उनका विरोध कर रहे थे। बॉलीवुड में किसी एक्टर के फ्लॉप होने को पाप की तरह देखा जाता है। ऐसे एक्टर्स को लोग अचानक इग्नोर करना शुरू कर देते हैं।

Friday, May 5, 2017

बॉलीवुड में क्रिएटिव लेखक और निर्देशक के लिए अपार संभावनायें हैं-साईं कबीर

बॉलीवुड में इस वक़्त लेखकों की बहुत ही कमी  है। जो कुछ अच्छे लेखक हैं भी तो उनकी कहानी पर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर कोई जोखिम लेना नहीं चाहते हैं। इस वजह से ज़्यादातर डायरेक्टर साउथ की फिल्मों की स्क्रिप्ट लेकर हिंदी फिल्म बनाने में व्यस्त हैं।इसलिए,कुछ वर्षों से फिल्मों में नई कहानी देखने को नहीं मिल रही हैं।
इस समय बॉलीवुड में क्रिएटिव राइटर और डायरेक्टर के लिए बेहतर अवसर हैं। यह बात फिल्म डायरेक्टर और स्क्रीन प्ले राइटर साईं कबीर ने अपनी विशेष बातचीत में मीडिया से कही। वह इन दिनों ग्वालियर अपने घर आए हुए हैं। उन्होंने बताया कि रिवाॅल्वर रानी के बाद एक बार फिर ग्वालियर की पृष्टभूमि पर फिल्म बनाने जा रहे हैं। यह फिल्म एग्रीकल्चर कॉलेज के एक स्टूडेंट की कहानी है, जिसकी शूटिंग प्रदेश भर में होंगी।
मेरी लाइफ के तीन मूवमेंट
टर्निंग प्वाइंट: जब मैं बैंगलुरू इंजीनियरिंग करने गया था, लेकिन वहां थियेटर से जुड़ गया अौर इस लाइन में आ गया।
खुशी: मेरे सपनों का शहर है फ्रांस। वर्ष 2010 में शूटिंग के दौरान मुझे इस शहर को देखने का मौका मिला। इसके बाद से हर वर्ष फांस के पेरिस को देखने के लिए अवश्य जाता हूं।
सीख: युवाओं को मैं यही कहना चाहता हूं कि जो भी करें पहले सीखें और उसके बाद अमल में लाएं। आधा ज्ञान कोई काम का नहीं है।
अब शूटिंग फ्रेंडली हो गया है ग्वालियर अंचल
तब और आज के दौर में ग्वालियर अंचल में आप क्या अंतर देखते हैं?
- पहले की अपेक्षा ग्वालियर चंबल संभाग शूटिंग फ्रेंडली हुआ है। बड़े पर्दे पर जो कुछ दिखाना है वह सब कुछ इस शहर में है। यहां वाटर स्पोटर्स, हेरिटेज, वाइल्ड लाइफ और बीहड़ सब कुछ है।
सुना है आप इन दिनों एमपी में लोकेशन देख रहे हैं क्या कोई फिल्म की शूटिंग करने की प्लानिंग है।
-जी हां, मेरी अगली मूवी शेरू एंड दिल आ रही है। इसमें इरफान खान मुख्य भूमिका में हैं। यह मूवी इस साल तक कंपलीट हो जाएगी और अगले साल तक रिलीज हो जाएगी।
बायोपिक का ट्रेंड क्यों बढ़ रहा है?
- दर्शकों की पसंद के मुताबिक बॉलीवुड में ट्रेंड बदलता है। अब लोग रियलिस्टिक सिनेमा को अधिक पसंद करते हैं, क्योंकि उनमें कंटेंट बेहतर होता है। इसलिए इसका ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

बॉलीवुड क्रिकेट की पाँच जोड़ियाँ,किसी ने शादी सगाई तो कोई कर रहा हैं डेट।


बॉलीवुड और क्रिकेट जोड़ियों का सफर तो हमेशा से रहा ही हैं।कोई डेट से शुरुआत करता हैं।फिर सगाई करता हैं और तब जाकर शादी की शहनाई बजती हैं।लेकिन,कभी-कभी सीधें शादी पर भी बात बन जाती हैं।ऐसी ही कुछ पाँच जोड़ियाँ।जो जुड़ी हैं क्रिकेट और बॉलीवुड से।


1.युवी हेजल प्रीमियर लीग
आप सोच रहें होंगे युवी हेजल प्रीमियर लीग कोई खेल टूर्नामेंट का नाम होगा।तो आप बिलकुल गलत हैं।यह नाम युवराज और हेजल की शादी को दिया गया था।युवराज और हेजल ने साल 2016 नवंबर में ही चंडीगढ़ गोआ में शादी कर ली हैं।इसके लिए दिल्ली में भव्य रिसेप्सन का भी आयोजन किया गया था।शादी बहुत ही धूमधाम से की गई थी।




2.हरभजन सिंह और गीता बसरा की शादी
हरभजन और गीता एक दूसरे को लगभग पाँच सालों से डेट कर रहें थे।फिर अक्टूबर 2015 में दोनों ने शादी कर ली।शादी में काफी क्रिकेटर और बॉलीवुड सेलिब्रिटी का आगमन हुआ था।साल 2016 में गीता ने हिनाया हीर को जन्म भी दिया हैं।साथ ही अभी हाल ही में नच बलिए में हरभजन और गीता ने स्पेशल अपीयरेंस भी दिया था।
3.ज़हीर खान और सागरिका घटगे की जोड़ी
ज़हीर और सागरिका युवी हेजल की शादी में दोनों साथ ही दिखे थे।दोनों में काफी करीबियां बढ़ी।इसी साल सागरिका की रिलीज़ हुई फ़िल्म इरादा का भी ज़हीर ने खूब प्रचार प्रसार किया था।दोनों ने हाल ही में सगाई की और बहुत जल्द ही शादी भी करने वाले हैं।

4.विराट और अनुष्का का सोशल मीडिया प्यार
अभी सबसे ज़्यादा चर्चित जोड़ी अनुष्का और विराट की हैं।होने की खास वजह दोनों का सोशल मीडिया प्यार।2013 से दोनों एक दूसरे को डेट कर रहें हैं।पहले तो दोनों ही एक दूसरे को एक आम युवा जोड़े ही मानते थे।साथ ही एक दूसरे के रिश्ते को छुपाते भी थे।मगर वैलेंटाइन डे दिन एक दूसरे के रिश्ते को सार्वजनिक किया।
5.शर्मिला टैगोर और नवाब मसूर अली खान पटौदी का प्यार
60 के दशक में ही नवाब साहब शर्मिला को दिल दे बैठे और 1969 में शादी भी कर ली।इनके तीन बच्चे सैफ,सबा और सोहा हैं।करीना ने सैफ से शर्मिला के ही जोड़े को पहन कर शादी की।2012 में सैफ करीना ने शादी की। 
                               -युधिष्ठिर महतो(कुमार युडी)

Friday, April 28, 2017

आखिरकार दर्शकों का इंतज़ार खत्म हुआ,जवाब मिल ही गया बाहुबली में जो अधूरी थी वह बाहुबली 2 ने पूरी की।

फिल्म का नाम: बाहुबली 2: द कन्क्लूजन

डायरेक्टर: एस एस राजामौली

स्टार कास्ट: प्रभास , राणा दग्गुबत्ती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया , सथ्यराज, राम्या कृष्णन ,

अवधि: 2 घंटा 47 मिनट

सर्टिफिकेट: U/A

रेटिंग: 4.5 स्टार

साउथ की फिल्में अब बॉलीवुड हॉलीवुड हर किसी से ज़्यादा दर्शक पसन्द कर रहें हैं।हिंदी में रूपांतरित की गयी तमिल तेलुगु फिल्में अब काफी धूम भी मचा रहीं हैं।बाहुबली भी उन्हीं में से एक थी।जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया था।बाहुबली 2 को भी काफी पसंद किया जा रहा हैं।सिनेमाघरों से अच्छी प्रतिक्रिया भी आ रही हैं।डायरेक्टर एस एस राजामौली एक ऐसा नाम जो आते ही 'मगाधीरा' और 'ईगा' और अब 'बाहुबली: द बिगिनिंग' जैसी फिल्में आंख के सामने आ जाती हैं, बाहुबली की भव्यता के बाद पूरे विश्व के लोग सिर्फ इस बात का इंतजार कर रहे थे कि आखिरकार 'बाहुबली 2' कब रिलीज होगी और ये पता चलेगा की कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? अब वो घड़ी आ चुकी है, क्या है इस सवाल का राज और कैसी बनी है यह फिल्म आइए फिल्म की समीक्षा करते हैं.

कहानी
यह कहानी वहीं से शुरू होती है जहां बाहुबली 1 की कहानी खत्म हुई थी, और शिवा उर्फ महेंद्र बाहुबली (प्रभास) को कटप्पा (सत्यराज) ये बताने की कोशिश करता है की आखिरकार महाराजा अमरेंद्र बाहुबली (प्रभास) की हत्या कैसे हुई थी. कहानी फ्लैशबैक में जाती है और उस समय का जिक्र होता है जब महिष्मति के साम्राज्य में अमरेंद्र बाहुबली का राज्याभिषेक होने वाला होता है और लोग खुश थे, लेकिन ये बात भल्लाल देव (राणा दग्गुबत्ती) को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं थी. जिसकी वजह से वो अपने पिता के साथ मिलकर अमरेंद्र बाहुबली को मारने का प्लान बनाता है, जिसमें कटप्पा को आगे रख दिया जाता है और महारानी शिवागामी (राम्या कृष्णन) को भी गलत शलत बोलकर विश्वासघात करता है. साथ ही कहानी में देवसेना (अनुष्का शेट्टी) की एंट्री होती है. अब किन परिस्थितियों के अंतर्गत बाहुबली का कत्ल होता है, इसका पता आपको फिल्म देखकर ही लगाना पड़ेगा, क्योंकि ये ऐसा सरप्राइज है जिसे मेकर्स ने 2 साल से छुपा कर रखा है और उसे यहां रिव्यू लिखते वक्त खोल देना, अच्छा काम नहीं होगा लेकिन बस ये बता देना चाहूंगा कि कटप्पा और बाहुबली के जोक को तो आपने सुना होगा पर उस सीन के फि‍ल्मांकन के दौरान आप इमोशनल भी होते हैं. खैर कहानी आगे बढ़ती है, आखिरकार भल्लाल और बाहुबली के बीच प्रचंड युद्ध होता है.
देश को मिला जवाब- कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?

जानिए आखिर फिल्म को क्यों देख सकते हैं?
फिल्म की कहानी बहुत ही उम्दा है जो आपको बांधे रखती है साथ ही स्क्रीनप्ले दमदार है. फिल्म का डायरेक्शन लाजवाब है और डायरेक्शन के साथ-साथ वीएफएक्स जबरदस्त है जो आपको 2डी में 3डी का आनंद देता है. और यही कारण है की फिल्म विजुअली काफी रिच है. हर एक सीन में कुछ न कुछ खास जरूर देखने को मिलता है. बहुत ही अद्भुत फिल्मांकन है जिसकी तारीफ जितनी भी की जाए कम है.

फिल्म का इंतजार कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा के लिए किया जा रहा था, लेकिन फिल्मांकन के दौरान और भी सरप्राइजेज सामने आते हैं, सुपर स्टार सुदीप का किरदार भी काफी दिलचस्प है.

प्रभास ने शारीरिक रूप से बहुत ही बेहतरीन काम किया है, तालियां भी बटोरते हैं साथ ही उनके अपोजिट राणा दग्गुबत्ती का काम भी काबिल ऐ तारीफ है जिनसे आपको घृणा भी होने लगती है साथ-साथ राम्या कृष्णन और अनुष्का शेट्टी के अलग अलग रूप, तमन्नाह भाटिया का पराक्रम, सत्यराज की गुत्थियां और बाकी किरदारों की सहज एक्टिंग है, जो देखने योग्य है.

फिल्म का संगीत और खासतौर पर बैकग्राउंड स्कोर कमाल का है जो आपको बांधे रखता है. फिल्म के द्वारा फिक्शन की कहानी काफी रीयल लगती है जो की इक्कीसवीं सदी में डायरेक्टर एस एस राजामौली की जीत है. क्लाईमैक्स की जंग के दौरान ताबड़तोड़ एक्शन है जिसकी परिकल्पना कर पाना भी मुश्किल है , तालियों की गड़गड़ाहट थिएटर में गूंजती है.

कमजोर कड़ियां
फिल्म को हिंदी में डब किया गया है , जिसकी वजह से रेगुलर लिप सिंक आपको देखने को नहीं मिलता और गाना कोई और होता है पर आर्टिस्ट कुछ और ही तरह से लिप्स हिलाता हुआ दिखाई पड़ता है, हालांकि टीवी पर ऐसी डब की हुई फिल्मों की भरमार है और अब तो आदत भी हो चुकी है, इक्का दुक्का चीजें, इस फिल्म की भव्यता के सामने काफी कम हैं.

बॉक्स ऑफिस
वैसे ट्रेड के मुताबिक बाहुबली के दोनों पार्ट्स का बजट लगभग 400 करोड़ का है और बाहुबली 1 ने पहले से ही आंकड़ों के मुताबिक 419 करोड़ का बिजनेस कर लिया है. वैसे बाहुबली 1 ने लगभग 419 करोड़ रुपये की कमाई की थी जो की टॉप ग्रॉसर की लिस्ट में 'दंगल' और 'पीके' के साथ शुमार हो गई थी. ओवरसीज में भी 'पीके' और 'दंगल' ने सुपर बिजनेस किया था, तो एक तरह से नंबर 1 पर 'पीके' , नंबर 2 पर 'दंगल' और नंबर 3 पर 'बाहुबली' थी. ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूटर्स की मानें तो फिल्म ओपनिंग के दिन 7-8 मिलियन डॉलर का बिजनेस हिंदी तमिल और तेलुगु भाषा में कर सकती है. पूरे देश में लगभग 7700 स्क्रीन में यह फिल्म रिलीज की जाने वाली है. यह तीन भाषाओं तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज की जाएगी. तो एक तरह से बम्पर ओपनिंग के साथ साथ दमदार ओपनिंग वीकेंड और रिकॉर्ड कमाई का होना लाजमी है.

Thursday, April 27, 2017

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना के निधन पर धनबाद के सांसद व विधायक सहित भाजपा नेताओं ने गहरा शोक प्रकट किया।

धनबाद के सांसद पशुपति नाथ सिंह जी ने  पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री और फिल्म अभिनेता विनोद खन्ना का 70 साल की उम्र में निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है ।सांसद पशुपति नाथ सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा कि आज देश ने एक अच्छा इंसान तथा एक अच्छा अभिनेता खो दिया ।अपने दमदार अभिनय से लोगों के दिलों पर राज करने वाले अभिनेता और भाजपा सांसद विनोद खन्ना के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायी है।सर्वशक्तिमान ईश्वर से अभिनेता विनोद खन्ना की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की करबद्ध प्रार्थना करता हूँ।
शोक प्रकट करते हुए धनबाद के विधायक  राज सिन्हा ने कहा सुप्रसिद्ध अभिनेता, वरिष्ठ सांसद और भाजपा नेता विनोद खन्ना जी के निधन के विषय मे जानकर अपार दुःख हुआ। ईश्वर उनकी दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।विनोद खन्ना जी चार बार सफल सांसद सदस्य रहे ।
शोक प्रकट करते हुए भारतीय जनता पार्टी धनबाद जिला के अध्यक्ष  चन्द्रशेखर सिंह ने कहा कि  विनोद खन्ना के निधन का समाचार अत्यंत कष्टदायी है ।कोयलांचल में भी उनके लाखों  प्रशंसक हैं ।एक बेहतरीन अभिनेता के साथ साथ देश के विदेश राज्य मंत्री,पर्यटन और संस्कृति मंत्री का दायित्व सफलता पूर्वक निभाया ।शोक प्रकट करने वालों में भारतीय जनता पार्टी धनबाद जिला के महामंत्री संजय झा,रामप्रसाद महतो,नीतिन भट्ट, प्रिय रंजन,  मिल्टन पार्थ सारथी,मोहन कुम्भकार,स्वरूप भट्टाचार्य,अमलेश सिंह,अभिमन्यु कुमार,राजकुमार मंडल,पंकज सिन्हा,उमेश सिंह,निर्मल प्रधान,दीलिप सिंह,प्रीतपाल सिंह अजमानी ,बबलू फरीदी,अमृत दास,पप्पू साव,ललन मिश्रा,डॉ सी पी सिंह,सुरेश महतो,नरेन्द्र त्रिवेदी,तमाल राय,राम जी मिश्रा,श्रवण झा,रामदेव महतो शामिल थे ।

-धनबाद से सरताज खान की रिपोर्ट

Wednesday, April 26, 2017

रियल एक्टिंग की वजह से सभी अभिनेत्री डरती थी,विनोद खन्ना के साथ काम करने से।

बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना काफी लोकप्रिय  रहें है। बॉलीवुड को कई हिट मूवीज भी दे चुके है। विनोद खन्ना की एक्टिंग काफी रियल लगती थी। ऐसा इसलिए लगता हैं।दरअसल वे जिस भी मूवी को करते थे उसकी एक्टिंग में पूरी तरह खो जाते थे और अपने आप को रियलिटी में वैसा ही महसूस करने लगते थे।  ऐसे में वे मूवी में कोई भी सीन देते थे तो वह रियल ही लगता था। क्यूंकि विनोद रियल समझकर सब चींजो को निभाते है।

लेकिन उनके रियलिटी प्रदर्शन की वजह से कई एक्ट्रेस ने उनके साथ काम करने से इंकार कर दिया था एक्ट्रेस उनके साथ काम करने से डरने लगी थी।

बात यह थी की विनोद सभी सीन रियलिटी समझकर देते थी फिर वो फाइटिंग हो, किसिंग  हो या इंटिमेट हो। ऐसे में एक बार माधुरी दीक्षित के साथ एक मूवी के दौरान विनोद शर्मनाक हरकत भी कर चुके है क्यूंकि उस समय वह सीन में पूरी तरह खो गए थे और बेकाबू हो गए थे।

इसी के बाद उन्होंने डिम्पल कपाड़िया के साथ एक फिल्म की थी प्रेम धरम इस मूवी में उन्हें डिम्पल को किस करना था और जब यह किस सीन शूट किया गया तो डाइरेक्टर के कट कहने के बाद भी विनोद डिम्पल को किस करते रहें।

जिससे वे डर गई थी और वहां से भाग गई थी साथ ही शूट के लिए मना कर दिया था।

Monday, April 24, 2017

बॉलीवुड की इस अभिनेत्री ने एक साल में 14 फिल्में कर रच दिया इतिहास।

बॉलीवुड अभिनेत्री दिव्‍या भारती का नाम आते ही सभी के जेहन में एक अलग ही तरह की छवि उभरती होगी।लेकिन,बहुत कम ही लोग ऐसे होंगे।जो उनसे जुड़ी ये खास बातें जानते होंगे। आज उनसे जुड़ी कुछ खास बात बताने जा रहे है । बॉलीवुड में दिव्या भारती की एक अलग ही जगह है। महज 16 साल की उम्र में फिल्मी कैरियर की शुरुआत की थी।
इसके बाद इस अदाकारा ने बेहद कम समय में पूरे बॉलीवुड पर नाम दर्ज कर दिया था। दिव्या का कैरियार बॉलीवुड में दो साल का रहा है। जिसमें उसने एक साल में करीब 14 फिल्में की। जोकि आज भी एक रिकॉर्ड है। दिव्या ने अपने करियर की शुरुआत साल 1990 में रिलीज हुई तेलुगु फिल्म 'बोबली राजा' से की थी।

हॉलीवुड फिल्मों की कॉपी कर शाहरुख खान बना बॉलीवुड का किंग खान।

हिंदी सिनेमा में प्लेजरिज्म यानी क्रिएटिविटी की चोरी बहुत आम है. कई बार ये सीधे-सीधे बहुत ही फूहड़ तरीके से की जाती है. कभी इंस्पायर होने के नाम पर कहानी का बड़ा हिस्सा उठा लिया जाता है.
शाहरुख खान निसंदेह बॉलीवुड के बादशाह हैं. उनकी तमाम फिल्मों ने 90 के दशक में पली-बढ़ी पीढ़ी के दिलों पर राज किया है. मगर उन्हें किंग खान का दर्जा देने वाली फिल्मों में कई हॉलीवुड फिल्मों से इंस्पायर रही हैं.
हालांकि शाहरुख ने अपने स्टाइल और ग्लैमर से इन फिल्मों को एक अलग स्तर तक पहुंचाया है मगर फिर भी कहीं न कहीं कुछ बातें अखर जाती हैं. एक बात ये भी है कि शाहरुख ने भी अलग-अलग तरह से हॉलीवुड को इंस्पायर किया है. बात करते हैं शाहरुख खान की 5 ऐसी ही फिल्मों की जिनकी जड़ें किसी और फिल्म से जुड़ी हुई हैं.
चमत्कार
इसमें कोई दो राय नहीं कि इस चमत्कार में मार्को (नसीरुद्दीन शाह) और सुंदर (शाहरुख खान) की जोड़ी ने हमारा खूब मनोरंजन किया. मगर ये फिल्म 1986 की अंग्रेजी फिल्म ‘ब्लैक बियर्ड घोस्ट’ से बहुत ज्यादा प्रेरित थी. एक भूत जो सिर्फ स्पोर्ट्स कोच बने हीरो को दिखता है. भूत की मुक्ति तभी होगी जब वो कुछ अच्छा काम करे.

डर
‘डर’ फिल्म के साथ काफी मजेदार वाक्ये जुड़े हैं. 1962 में ग्रेगरी पैक (इन्हें आप हॉलीवुड का देवानंद कह सकते हैं) की फिल्म आई थी ‘केप फियर’. 1991 में राबर्ट डि नीरो को मुख्य भूमिका में लेकर इसका इसी नाम से रीमेक बना. ‘केप फियर’ की कहानी को आधार बना कर 'डर' का प्लॉट लिखा गया.
फिल्म में राहुल के रोल के लिए सनी देओल को अप्रोच किया गया मगर उन्होंने निगेटिव रोल न चुनकर हीरो (उनके हिसाब से) का किरदार चुना. राहुल के रोल के लिए संजय दत्त, सुदेश बेरी, अजय देवगन और अंत में आमिर खान को चुना गया था.
हिरोइन की पहली पसंद रवीना टंडन थीं और बाद में दिव्या भारती फाइनल हुई. 'डर' की पहली फाइनल स्टार कास्ट थी- सनी देओल, आमिर खान और दिव्या भारती.
आमिर की इच्छा दिव्या की जगह जुही चावला को लेने की थी. यश चोपड़ा ने उनकी ये मांग मान ली. मगर बाद में यश चोपड़ा और आमिर के बीच ही कुछ असहमति हो गई और आमिर ने फिल्म छोड़ दी.
वैसे एक मजेदार बात और राहुल के किरदार को सायको स्टॉकर बनाने का आइडिया और फिल्म का टाइटल ‘डर’ हृतिक रौशन ने उदय चोपड़ा को दिया था. बाद में 'डर' को हॉलीवुड में ‘फियर’ नाम से भी कॉपी किया गया.

बाजीगर
हार कर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं, मगर बाज़ीगर को अंग्रेज़ी में देखें तो ‘किस बिफोर डाइंग’ कहते हैं. 1991 में आई मैट डिलन की इस फिल्म से 1993 में आई बाजीगर इतना ज्यादा मिलती है कि लिखने वाला थक जाए. बस अंग्रेजी वाली फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन खराब रहा था. अब इसका कारण आप अनु मलिक के 'तू मिली, मैं मिला, दुनिया जले तो जले' रैप को मत समझ लीजिएगा.

मोहब्बतें
सिर्फ लड़कों की पढ़ाई का एक पारंपरिक विचारों वाला स्कूल. वहां हर चीज़ से ऊपर अनुशासन है. इस स्कूल में एक टीचर आता है. कविता की बात करता है. परंपरागत तौर तरीकों से परे दिल की सुनने की बात करता है. नतीजा प्रिंसिपल और टीचर का टकराव.
यहां 'मोहब्बतें' नहीं लेजेंड्री ऐक्टर रॉबिन विलियम्स की फिल्म ‘डेड पोएट सोसायटी’ की बात हो रही है. इस फिल्म को हॉलीवुड के तमाम क्रिटिक्स सबसे इंस्पिरेश्नल फिल्मों में से एक मानते हैं.
इसी के मोहब्बत से भरे भारतीय वर्जन में यशराज फिल्म्स ने अपने तमाम मसाले डाले थे और फिल्म की थीम काफी बदल दी गई थी. फिर भी समानताएं साफ दिख जाती हैं. मौका लगे तो एक बार रॉबिन विलियम की ये मोटिवेश्नल फिल्म जरूर देखिएगा.

फैन
एक बार फिर रॉबर्ट डि नीरो, शाहरुख खान, यशराज फिल्म्स और परेशान करने वाला सायको. 'डर' के बाद ये समानताएं फिर से रॉबर्ट डि नीरो की 1996 में आई फिल्म ‘फैन’ से मिलती हैं.

एक जैसे नाम होने के अलावा दोनों फिल्में आइडिया के लेवल पर लगभग एक सी हैं. शाहरुख वाली ‘फैन’ को अलग आयाम देने के लिए भरपूर मेहनत की गई है. किंग खान का डबल रोल इसकी एक मिसाल है.
चक दे इंडिया
यकीन मानिए इस फिल्म का नाम यहां लिखना कतई अच्छा नहीं लग रहा. स्पोर्ट्स पर बनी फिल्मों में यकीनन ‘चक दे’ की एक खास जगह है. कोच कबीर खान और उनकी वानर सेना की सारी लड़कियां. 'या अल्लाह, ये तो सीधा शॉट लेगी' सब कुछ क्लासिक है मगर फिल्म का आइडिया 2004 में अमेरिकन मेन्स हॉकी पर बनी ‘मिरैकल’ से हूबहू लिया गया है.

'मिरैकल' 1980 की अमेरिकी आइस हॉकी टीम और उनके पूर्व खिलाड़ी से कोच बने कोच की सफलता की असली कहानी है. अंग्रेजी फिल्म में विद्या शर्मा इंडिया वाला इंट्रो भी है, और मैच से पहले एक मोटिवेश्नल स्पीच भी है.
सुकून की बस एक बात है कि बाद में आई एक और हॉलीवुड फिल्म ‘मनी बॉल’ में ब्रैड पिट ने जो किरदार निभाया हैं उसमें कपड़ो से लेकर बॉडी लैंग्वेज तक कोच कबीर खान की झलक दिखती है.

Sunday, April 23, 2017

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल 1000 करोड़ के बजट से बॉलीवुड की सबसे महँगी फिल्म महाभारत बनाने जा रहें हैं।

बॉलीवुड साइट की रिपोर्ट के अनुसार, मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल 'महाभारत' पर 1000 करोड़ की सबसे महंगी फिल्म बनाने जा रहे हैं। उन्होंने फिल्म 'महाभारत' को लेकर ऑफिशियल अनाउंसमेंट कर दिया है कि वो जल्द ही 5 पांडवों में से एक भीम के एंगल से महाभारत की कहानी चालू करेंगे। हम बचपन से महाभारत सीरियल टीवी पर देखते आ रहे है। परन्तु सबसे ज्यादा पॉपुलर बीआर चोपड़ा की महाभारत (1988) रही है। सोचिए अगर महाभारत के कैरेक्टर यानी कृष्ण, भीष्म, दुर्योधन, अर्जुन और शकुनी जैसे किरदार बॉलीवुड स्टार्स निभाए तो कौन इनके रोल में सही बैठेगा।

इस आर्टिकल में हमने 'महाभारत' के बॉलीवुड वर्जन में सबसे सटीक बैठने वाले चेहरों को चुना है। अब आप खुद तय कर सकते हैं कि वे इस किरदार में कितने सही बैठते हैं। मसलन, महाभारत में भीष्म पितामह की भूमिका में मुकेश खन्ना ने किया था। यदि इसके बॉलीवुड वर्जन की बात करें तो इसके लिए सबसे परफेक्ट नाम अमिताभ बच्चन ही हो सकते हैं।

महाभारत के बॉलीवुड वर्जन की बात की जाए तो इसमें कृष्ण के रोल के लिए सबसे परफेक्ट चेहरा आमिर खान हो सकते हैं। असल में यह किरदार नीतिश भारद्वाज ने निभाया था।

द्रौपदी के किरदार के लिए सबसे परफेक्ट फिट विद्या बालन हो सकती हैं। विद्या का चेहरा और फिजीक बहुत हद तक रूपा जैसा है।

भीम के रोल में केवल एक शख्स ही जंचता है और वो नाम है सनी देओल का। वैसे, ऑरिजिनल महाभारत में भीम का कैरेक्टर एक्टर प्रवीण कुमार ने निभाया था।

महाभारत में आचार्य द्रोण का रोल एक्टर सुरेन्द्र पाल निभाया था। इसके बॉलीवुड वर्जन के लिए सबसे सही रजनीकांत हो सकते हैं।

अर्जुन के रोल में सबसे परफेक्ट फिट बैठते हैं ऋतिक रोशन। ऋतिक फिल्म 'जोधा अकबर' में राजा का रोल कर चुके हैं और वो अर्जुन की तरह ही किसी योद्धा से कम नजर नहीं आते है।

दुर्योधन के भूमिका के लिए सबसे सटीक कोई है तो वो हैं एक्टर मनोज वाजपेयी। मनोज ने कई फिल्मों में महाभारत के दुर्योधन की तरह ही नेगेटिव रोल प्ले किया है। यही कारण है कि दुर्योधन के किरदार के लिए उनका नाम फिट बैठता है। वैसे, महाभारत में दुर्योधन का किरदार एक्टर पुनीत इस्सर ने निभाया था।
कर्ण का रोल सीरियल में पंकज धीर ने निभाया था। हालांकि, महाभारत के बॉलीवुड वर्जन के लिए सबसे सटीक चेहरा अजय देवगन का हो सकता है। क्योंकि, अजय की पर्सनैलिटी कर्ण के रोल से ज्यादा मैच करता है।

अभिमन्यु के रोल के लिए रणबीर कपूर परफेक्ट मैच हैं। 'रॉकस्टार' में रणबीर द्वारा निभाया गया। उन्हें इस रोल के लिए बेस्ट बनाता है। बता दें, महाभारत में अभिमन्यु का किरदार मयूर वर्मा ने निभाया था।

महाभारत में युधिष्ठिर का रोल गजेंद्र चौहान ने प्ले किया था। हालांकि, यदि इसके बॉलीवुड वर्जन की बात करें तो इसमें सबसे बेहतर अनिल कपूर लगते हैं। अनिल की डिसेंटपर्सनैलिटीऔर गैर-विवादित लाइफ उनके इस रोल के लिए फिट बैठता है।

असल में महाभारत में शकुनी का रोल गूफी पेंटल ने निभाया था। हालांकि, महाभारत के बॉलीवुड वर्जन के लिए सबसे फिट कैरेक्टर गुलशन ग्रोवर हो सकते हैं।