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Friday, May 19, 2017

पहले की तरह सुंदर पेट के लिए अपनाये यह घरेलू नुस्खे ,पेट की लटकती त्‍वचा को इस प्रकार करे दूर ।


गर्भावस्था धारण करना हर महिला का सपना होता हैं ये एक बेहद सुखद एहसास होता हैं. जो हर विवाहित दम्पती का सबसे बड़ा सपना होता हैं. गर्भावस्था धारण करना यूँ तो एक अत्यंत ही आनंदमय और जीवन का सबसे सुखद लम्हा होता है, जिसका इंतज़ार हर महिला सालो से करती हैं.
गर्भावस्था के समय जो परेशानियां आती हैं वो तो आती ही हैं लेकिन बच्चे को जन्म देने के बाद भी कई तरह की परेशानियां आती हैं उनमे से एक हैं आपका पेट जिसकी त्वचा बच्चे को जन्म देने के बाद ढीली होने के साथ लटक जाती हैं जो की बाद में आपको इसको हर वक्त ढके रखने पर मजबूर करती हैं.
कई महिलाओ की आदत होती हैं वेस्टर्न ड्रेस्सेस पहनना जिसे वो इस तरह की कंडीशन के बाद पहनना अवॉयड करती हैं या पहनना चाहती हैं लेकिन पहन नहीं पाती हैं और अपनी इच्छा को मारती हैं अगर प्रेगनेंसी के बाद आप भी चाहती हैं पहले की तरह सुंदर पेट तो अपनाये यह घरेलू नुस्खे.
पेट की लटकती त्‍वचा को इस प्रकार करे दूर:
बढाए पानी का सेवन:
प्रसव के बाद पानी के सेवन को बढ़ दें क्योंकि पानी पीने से त्वाच में कसाव आता हैं इसीलिए खूब पानी पिए और निजात पाए पेट की लटकती हुई त्वचा से.
लें प्रोटीन की मात्रा अधिक:
प्रसव के बाद प्रोटीन की मात्रा बढ़ा दें ऐसा करने पर आप पा सकेंगी सुंदर त्वचा के साथ-साथ लटकी हुई पेट की त्वचा से छुटकारा, अगर आपको समझ में नहीं आ रहा है कि क्‍या खाएं तो अंकुरित मूंग या चना का सेवन कर सकती हैं, न्‍यूट्रिला और मछली में भी काफी प्रोटीन होता है और दालो को पीना भी अच्छा विकल्प हैं.


स्क्रब करे:
जिस प्रकार आप अपने चेहरे की स्किन की डेड स्किन को मारने के लिए स्क्रब करते हैं उसी प्रकार पेट पर स्क्रब करना भी अच्छा विकल्प साबित हो सकता हैं , इससे त्‍वचा में नमी आएगी, साथ ही उसमें कसाव आएगा ऐसा करने से एक फायदा और है कि इससे रक्‍तसंचार अच्‍छा हो जाता है और त्‍वचा में ग्‍लो भी आ जाता है. और त्वचा का लटकना बंद हो जाएगा.
मसाज करें:
अगर आपको त्‍वचा में झोल दूर करना है तो विटामिन युक्‍त किसी क्रीम को अच्‍छी मात्रा में लेकर उससे मसाज करें, आप कव्हहे तो किसी मसाज सेण्टर में जा कर भी इसका लाभ उठा सकती हैं , हर दिन कम से कम 10 मिनट तक स्किन की मसाज करने से त्‍वचा में ग्‍लो आ जाता है और रक्‍त का संचार भी अच्‍छी तरह होता है. यह नुस्खा बहुत जल्दी काम करता हैं.
स्‍तनपान ज़रूर कराये :
कई महिलाएं सोचती हैं कि स्‍तनपान कराने से उनके स्‍तनों की त्‍वचा ढीली पड़ जायेगी लेकिन यह एक बहुत बड़ा मिथ हैं ऐसा ना करें, स्तनपान ज़रूर कराये क्योंकि इसके अनेक फायदे होते हैं जिनमे से एक हैं त्‍वचा में ब्‍लडसर्कुलेशन अच्‍छा हो जाता है.
रोजाना एक्‍सरसाइज करें :
प्रसव के तुरंत बाद भारी एक्‍सरसाइज को शुरू ना करे थोड़े दिन रुके जब आपके टाके सूख जाए तब धीमे-धीमे आप इसी शुरू कर सकती हैं पहले कुछ दिन वॉर्मअप करें,
प्रसव के कुछ महीने बाद, हैवी एक्‍सरसाइज करना शुरू कर सकती हैं.
योग और एरोबिक भी कर सकती हैं:
योगा और एरोबिक एक्‍सरसाइज सबसे अच्‍छा विकल्‍प होती हैं, रेगुलर एक्‍सरसाइज करने से शरीर में रक्‍त का संचार अच्‍छे से होता है. पुरानी कोशिकाओं की जगह नई कोशिकाएं विकसित हो जाती हैं और शरीर ग्‍लो करने लगता है, साथ ही पेट की मांसपेशियां भी मजबूत हो जाती हैं. इस प्रकार आप लटकती हुई त्वचा से निजात पा सकती है.
लेकिन इसके लिए पहले आप अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछ लें फिर ही योगा वा एक्सरसाइज शुरू करे.

Tuesday, May 16, 2017

पेट में होने वालों कीड़ों के लक्षण कारण और उपचार की पूरी जानकारी।पढ़े और शेयर करें।



नमस्कार पाठको, आपका सबका स्वागत हैं।आज के इस लेख में हम, आपको पेट में होने वाले कीड़ों के कारण, लक्षण एवं उसके उपचार के बारे में बतायेंगे। दोस्तों इस लेख को पढ़ने के बाद अपने दोस्तों को जरूर शेयर करें, ताकि ये किसी जरूरतमंद सख्स के काम आ जाये। आइये दोस्तों इसके बारे में जानतें हैं।

कारण
व्यक्तिगत स्वच्छता का अभाव इसका मुख्य कारण है। मक्खियों द्वारा दूषित आहार, जल, दूध आदि द्वारा इस रोग का प्रसार होता है। रोगी की आँतों से कृमि के अण्डे मल के साथ निकलकर बाहर आते हैं तथा पृथ्वी पर फैल जाते हैं। उपयुक्त नमी, ठण्डक व गर्मी पाकर अण्डे फूटते हैं तथा लार्वें निकलते हैं। ये लार्वे परिपक्व होकर अत्यन्त संक्रामक बन जाते हैं तथा रेंगते हुए आसपास की घास-पत्तियों पर चिपक जाते हैं। जब मल से दूषित भूमि पर व्यक्ति नंगे पाँव चलता है या खाद बनाने के स्थान पर अधिक समय नंगे पैर खड़ा रहता है तब ये लार्वें उसके तलुए व अँगुलियों या नाखूनों में चिपक जाते हैं तथा त्वचा को भेद करके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। डोरे कृमि बच्चों में अधिक होते हैं। गुदा द्वार पर खुजलाते समय अण्डे नाखून व अँगुलियों में चिपक जाते हैं जोकि किसी भी चीज को जब रोगी छूता है या मुँह में अँगुली डालता है तो रोग का प्रसार होता है।
लक्षण
इस रोग में पाचन सम्बन्धी विकार उत्पन्न होते हैं, जैसे-भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी आना, कमजोरी, पेट दर्द, शक्तिहीनता का अनुभव, पीली त्वचा, निचली उदर में पीड़ा, कई बार इतनी तीव्र कि एपेण्डीसाइटिस की पीड़ा से मिलती-जुलती होती है। ये लार्वें फेफड़ों में पहुँच जाते है। जीभ सफेद, आँखें लाल, होंठ गुलाबी रंग से रहित, सफेद नाखून, गालों पर सफेद धब्बे हो जाते हैं, शरीर में सूजन आ जाती है। गुदा द्वार पर व आस-पास खुजली होना आदि इस रोग के लक्षण हैं।
आयुर्वेदिक उपचार

करेले का ताजा रस दो या ढाई तोला लेकर उसमें नीम का रस, लहसुन का रस, बायबिडंग का चूर्ण 3-4 माशा, इनमें से कोई भी एक रस या चूर्ण इसके रस के साथ पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। 
अखरोट की छाल का काढ़ा पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
पोदीना 30 ग्राम के साथ 10 काली मिर्च पीसकर एक गिलास पानी में घोलकर पीने से पेट के कीड़े मरकर निकल जाते हैं।
पेट के कीड़े समाप्त करने में अनार बहुत लाभप्रद है। इसके जड़ की छाल 50 ग्राम को 250 ग्राम पानी में उबालें। जब 50 ग्राम पानी बचे तो उसे बासी मुँह लगातार तीन दिन पिलाने से तथा चौथे दिन कोई रेचक देने से कीड़े निकल जाते हैं।
आध ग्राम अजवायन के चूर्ण में चुटकी भर काला नमक मिलाकर रात के समय गर्म पानी के साथ पीने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं
नीम की पत्तियों का रस एक चम्मच शहद मिलाकर नित्य दो बार पीने से कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
हल्दी आधा चम्मच पिसी हुई को गर्म पानी से एक सप्ताह लेने से कीड़े नष्ट हा जाते हैं।
लहसुन की चटनी खाने से कीड़े पैदा नहीं होते हैं।
सवेरे सन्तरे का रस पीने से कीड़ों का नाश होता है।
नियमित प्रातःकाल निराहार एक टमाटर पर कालीमिर्च तथा सेंधा नमक का चूर्ण बुरक कर सेवन करने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं।

Saturday, May 6, 2017

रात के समय ये चीजें न खायें,सेहत के लिए हानिकारक होती हैं।

दोस्तों,आम तौर पर दिन में ये चीजें खाने से काफी फायदा होता हैं।लेकिन,ये चीजें रात को खाने से सेहत पर गलत प्रभाव भी पड़ सकता हैं।जैसे खीरा,कच्चा चना,केला और दही ये सभी चीजें बहुत ही लाभदायक होती हैं।पर रात को नहीं खानी चाहिए।आईये जानते हैं,रात को ये चीजें खाने से क्या हो सकता हैं?
खीरा कहना बहुत ही फायदेमंद होता हैं।परंतु,रात के समय खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता धीरे धीरे घटती हैं।इसलिए खीरा रात को नहीं खानी चाहिए।
कच्चा चना यह भी शरीर को लाभ देता हैं।सेहत भी बनती हैं।पर,रात को कच्चा चना खाना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता हैं।रात को कच्चे चने के सेवन से शरीर कमजोर होने लगता हैं और रोगग्रस्त भी हो सकते हैं।

दही के सेवन से पाचन क्रिया ठीक से नहीं हो पाती हैं।अगर आप दही रात को खाते हैं।साथ ही सर्दी जुकाम भी हो सकता हैं।
केले के सेवन से भी हानि हो सकती हैं।अगर आप रात को केले खाते हैं।तो,जुकाम और बुखार हो सकती हैं।

नीम से जुड़े कुछ फायदेमंद घरेलू नुस्ख़े, जो हो सकते हैं फायदेमंद।

नीम से कई फायदे हैं।आज जानतें हैं।कुछ ऐसे ही फायदों के बारे में जो हैं बहुत ही खास।हो सकता हैं आप के काम का हो।
– नीम फ्नोवर से बैली फैट कम किया जा सकता है। नीम फ्लोवर को लैमन के साथ लिया जाता है। इससे यह पेट की अतिरिक्त चर्बी को दूर करता है।
एक मुट्ठी नीम फ्लोवर को क्रश करके एक चम्मच शहद तथा आधा नींबू इसमें मिलाईये।इससे अच्छे से मिक्स कीजिए और सुबह खाली पेट पी लीजिए। इसके बाद आधे घंटे तक कुछ भी नहीं पीना चाहिए।
– नीम की डंडियों को जिसे दातून भी कहा जाता है से ओरल समस्या ठीक हो जाती हैं। एंटी फंगल प्रोपर्टी होने के कारण नीम माउथ अल्सर, बैड ब्रीथ, दांतों के दर्द को दूर करता है और दांतों की शाइनिंग भी वापिस लाता है।
– मुहांसे, ऐक्ने, पिगमेंटेशन तथा फेस की ड्राइेनस को नीम की पत्तियों से ठीक किया जा सकता है। कुछ नीम की पत्तियां लीजिए, पानी में इन्हें तक तक उबाल लीजिए जब तक पानी हरा ना हो जाएं। सुबह—सुबह इस पानी से हर रोज मुंह धोना चाहिए।
-नीम में मौजूद एंटी-माइक्रोबायल प्रॉपर्टी की वजह से यह डेंड्रफ दूर करने में मदद करती है। नीम के पत्ते- और तुलसी को क्रश करके कम से कम सप्ताह में 2 बार इससे बाल धोना चाहिए।
– यह गैस्ट्रिक समस्या को भी दूर करता है। पेट के अल्सर, क्रैम्प्स, ब्लोटिंग को भी नीम के जरिए दूर किया जा सकता है। अल्टरनेट डेज पर नीम लीजिए। प्रेग्नेंट वूमेन को नीम नहीं लेना चाहिए। नीम के यूज से पहले डॉक्टर से एक सलाह जरूर लीजिए।

Tuesday, April 25, 2017

गर्मियों में तरबूज खाना लाभदायक हैं,लेकिन कुछ खास लोगों के लिए हानिकारक भी हो सकता हैं।

लोगों के द्वारा तरबूज गर्मियों के मौसम में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल है। क्योंकि तरबूज में पानी की प्रचुर मात्रा होती है इसलिए लोग इस फल को खूब पसंद करते हैं। लेकिन  कुछ ऐसे लोगों को  भूलकर भी तरबूज का सेवन नहीं करना चाहिए। यानि कि कुछ ऐसी बीमारियां बता रहे हैं जिनसे ग्रस्त लोगों को तरबूज के सेवन से परहेज करना चाहिए। आहार व पोषण विशेषज्ञ सिमरन सैनी बता रही हैं क्यों तरबूज का सेवन नहीं करना चाहिए।

हॉर्ट प्रॉब्लम से पीड़ित लोग
हॉर्ट की प्रॉब्लम से घिरे लोगों को तरबूज का सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि तरबूज में भारी मात्रा में पोटेशियम होता है। डॉक्टर सैनी का कहना है कि हॉर्ट की प्रॉब्लम से घिरे लोगों को तरबूज का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे हॉर्ट की प्रॉब्लम और बढ़ जाती है।
डायबिटीज की समस्या
क्योंकि डायबिटीज लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या है, इसलिए डायबिटीज के रोगियों को अपने खानपान का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता है। तरबूज में भारी मात्रा में नेचुरल शुगर होता है। ऐसे में अगर शुगर के मरीज तरबूज का ज्यादा सेवन करेंगे तो उनके ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाएगी। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को एक सीमित मात्रा में तरबूज का सेवन करना चाहिए।
अस्थमा के रोगी और तरबूज
अस्थमा एक बहुत गंभीर बीमारी है। इसलिए इस रोग से जूझ रहे लोगों को अपने खानपान पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। अस्थमा के मरीजों के लिए ज्यादा तरबूज का सेवन सही नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि असथमा में अमीना एसिड होता है। अगर रोगी ज्यादा तरबूज का सेवन करेंगे तो अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
किडनी समस्या से घिरे लोग
आजकल लोगों में किडनी की समस्या भी आम हो गई है। किडनी की समस्या भी लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई है। डॉक्टरों की माने तो आजकल युवाओं में भी किडनी की समस्या होना आम बात हो गई है। किडनी की समस्या से घिरे लोगों को इसलिए तरबूज का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें मिनरल्स की मात्रा अधिक होती है। इसलिए किसी गंभीर समस्या से बचने के लिए ऐसे लोग तरबूज का लिमिटिड मात्रा में ही सेवन करें।

Sunday, April 23, 2017

ज़्यादा अंडे खाना सेहत के लिए हैं हानिकारक,हो सकता हैं कैंसर।

आप सब ने ही एक विज्ञापन तो देखा होगा न जिसमे हमेशा कहा जाता रहा है कि संडे हो या मंडे, रोज खाओ अंडे, अगर आप एक विज्ञापन की इस लाइन पर से पूरी तरह अमल करते हैं तो आप सावधान हो जाइए. नई रिसर्च के अनुसार ज्यादा अंडे खाना नुकसानदेह होता है. इससे कैंसर होने का खतरा रहता है.

वैज्ञानिकों की रिसर्च से इस बात का पता चला है कि सप्ताह में तीन से ज्यादा अंडे खाने से प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. वैज्ञानिकों ने इसका कारण अंडे में पाए जाने वाले कोलेस्ट्राल या कोलाइन को बताया है. इससे पहले ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने इस बात का भी दावा किया था कि सप्ताह में तीन से ज्यादा अंडे खाने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.
लेकिन 2007 में इस चेतावनी को वापस ले लिया गया था क्योंकि रिसर्च से पता चला कि अंडे में पाए जाने वाले कोलेस्ट्राल की बहुत कम मात्रा ही खून में पहुंच पाती है. हालांकि अंडे और प्रोस्टेट कैंसर के बीच संबंध को लेकर अभी और रिसर्च होना बाकी है लेकिन युवाओं को इससे जुडी और ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.